कोरबा: पसान में 60 हाथियों के आतंक से ग्रामीणों में दहशत, आज चक्काजाम की चेतावनी
डेढ़ महीने से क्षेत्र में डटा हाथियों का दल, फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचाने का आरोप; वन विभाग की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीण
कोरबा,15 अक्टूबर 2026। जिले के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत पसान क्षेत्र में हाथियों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 60 हाथियों का दल पिछले डेढ़ महीने से एक ही क्षेत्र में डटा हुआ है। हाथियों द्वारा किसानों की फसलों, मकानों और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाए जाने से ग्रामीण परेशान हैं। लगातार बनी दहशत के कारण लोगों की रातों की नींद उड़ गई है। समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को पसान चौक पर चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।
जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत पसान में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों के बीच भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का दल आए दिन खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके साथ ही घरों और घरेलू सामान को भी क्षति पहुंच रही है। हाथियों की लगातार आवाजाही के कारण ग्रामीणों को अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है। लोग रातभर जागकर अपने घरों और खेतों की निगरानी करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि हाथियों से बचाव और नुकसान रोकने के लिए अब तक कोई प्रभावी पहल नहीं की गई है। उनका कहना है कि लंबे समय से बनी इस समस्या के बावजूद ठोस समाधान नहीं निकलने से उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों को आशंका है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जन-धन की हानि की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने पोड़ी उपरोड़ा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को चक्काजाम की सूचना दी है। पूर्व सरपंच सहित आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि हाथियों की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो गुरुवार, 15 अक्टूबर को पसान चौक पर चक्काजाम किया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रस्तावित आंदोलन के लिए शासन और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।
अब देखना होगा कि वन विभाग और प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को लेकर क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल, पसान क्षेत्र के ग्रामीण हाथियों से सुरक्षा और अपनी फसलों एवं मकानों को नुकसान से बचाने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।



