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वन विहार में वन्य-जीव सप्ताह 2026 शुरू, ‘वन्य-जीव पासपोर्ट—मेरा 1%’ पहल की शुरुआत

भोपाल, 1 अक्टूबर 2026। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान एवं प्राणी उद्यान, भोपाल में ‘जुड़े आवास, वन्य-जीवन का विकास’ थीम पर राज्य स्तरीय वन्य-जीव सप्ताह 2026 के प्रथम दिन का आयोजन किया गया। उद्घाटन के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने चित्रकारी कर कार्यक्रम की सांकेतिक शुरुआत की।

पहले दिन आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में लगभग 1,200 प्रतिभागियों ने भाग लिया। साथ ही ‘एक फोटो, एक कहानी’ प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें वन्य-जीव और प्रकृति से जुड़ी 52 फोटो प्रविष्टियाँ तथा उनसे संबंधित कहानियाँ प्राप्त हुईं। आगंतुकों से संरक्षण संकल्प लेने के लिए उद्यान में पाँच स्थानों पर संरक्षण दीवारें लगाई गईं। इन दीवारों पर बच्चों, अन्य आयु वर्ग के आगंतुकों और अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर संकल्प लिया।

वन्य-जीव पासपोर्ट: पूरे वर्ष संरक्षण से जोड़ने की कोशिश

इस वर्ष वन विहार ने ‘वन्य-जीव पासपोर्ट—मेरा 1% वन्यजीवों के लिए’ नाम की नई गतिविधि शुरू की है। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य वन्य-जीव सप्ताह को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित न रखकर लोगों को संरक्षण से दीर्घकालिक रूप से जोड़ना है। अवधारणा यह है कि हर व्यक्ति अपने समय, प्रयास या दैनिक कार्यों का कम से कम एक प्रतिशत वन्य-जीव और प्रकृति संरक्षण के लिए दे सकता है।

दोनों प्रवेश द्वारों पर पंजीकरण कराने वाले आगंतुकों को डिजिटल वन्य-जीव पासपोर्ट दिया जा रहा है। इसके जरिए वे उद्यान के विभिन्न बाड़ों और स्थलों पर लगाए गए 10 चैलेंज स्टेशनों में भाग ले सकते हैं। हर स्टेशन पर वन्य-जीव से जुड़ा एक प्रश्न पूछा जाता है। सही उत्तर पर स्वयंसेवक स्टांप देते हैं। गतिविधि इस तरह रखी गई है कि प्रतिभागी उद्यान का भ्रमण करते हुए आवास, जैव विविधता और संरक्षण की जानकारी भी ले सकें।

मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों और राज्य के बाहर से आए 100 से अधिक स्वयंसेवक इन स्टेशनों पर मार्गदर्शन और संरक्षण संदेश पहुँचाने में सहयोग कर रहे हैं। वन विहार के अनुसार, यह भागीदारी कार्यक्रम को सामुदायिक स्वरूप दे रही है।

राजदूत, चैंपियन और एक्सप्लोरर

सभी 10 चैलेंज पूरे करने के बाद प्रतिभागियों से ‘मेरा 1% वन्यजीवों के लिए’ संकल्प लेने को कहा जाता है। वे अपने संरक्षण कार्यों को सोशल मीडिया पर साझा कर वन विहार के आधिकारिक हैंडल के साथ टैग करने के लिए भी प्रोत्साहित किए जा रहे हैं।

10 स्टांप पाने वालों को ‘वन्य-जीव संरक्षण राजदूत’, 8–9 स्टांप वालों को ‘वन्य-जीव चैंपियन’ और 5–7 स्टांप वालों को ‘वन्य-जीव एक्सप्लोरर’ का प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। राजदूतों को एक वर्ष में वन विहार में 12 निःशुल्क प्रवेश और चैंपियनों को 6 निःशुल्क प्रवेश दिए जाएंगे। आयोजकों का कहना है कि ये प्रतिभागी परिवार, मित्रों और समाज में संरक्षण का संदेश पहुँचाने में सेतु का काम करेंगे।

पहले दिन 118 आगंतुकों ने पासपोर्ट गतिविधि के लिए पंजीकरण कराया। अनन्या बोरासी और चिराग नागपाल पहले वन्य-जीव संरक्षण राजदूत बने। हर्षित पटेल, खुशी अग्रवाल, मोहित मेवाड़े और हितेश प्रजापति को वन्य-जीव चैंपियन के रूप में मान्यता दी गई।

पहल का संदेश है कि संरक्षण केवल सप्ताह भर की गतिविधि नहीं, बल्कि छोटे और नियमित प्रयासों से आगे बढ़ाई जा सकने वाली जिम्मेदारी है। नारा रखा गया है—‘मेरा 1% वन्यजीवों के लिए: मेरा संकल्प, मेरा प्रयास, मेरा योगदान।’

प्रदर्शनी और अधिकारी

सप्ताह के दौरान ईको टूरिज्म बोर्ड, सामाजिक वानिकी, बांस मिशन, क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, विंध्य हर्बल/एमएफपी पार्क, जैव विविधता बोर्ड और रीजनल साइंस सेंटर की प्रदर्शनी भी लगाई गई।

कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव) एवं मुख्य वन्य-जीव अभिरक्षक डॉ. समीता राजोरा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम मनोज कुमार अग्रवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (उत्पादन) बिंदु शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) बसवराव अन्निगिरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान एवं विस्तार) अर्चना शुक्ला तथा सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं सदस्य सचिव, मध्य प्रदेश जैव विविधता बोर्ड सुदीप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रोजेक्ट) एम. एल. मीना, प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश लघु वनोपज संघ कमलिका मोहंता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव) एल. कृष्णमूर्ति, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन-2) अजय कुमार यादव, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू-प्रबंधन) एच. एस. मोहंता और वन संरक्षक, भोपाल वृत्त क्षितिज कुमार के अलावा विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे। विद्यालयों के शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और मीडिया प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

2 अक्टूबर का कार्यक्रम

वन्य-जीव सप्ताह 2026 के तहत 2 अक्टूबर को वन विहार में ये गतिविधियाँ प्रस्तावित हैं:

  • प्रातः 7 से 9 बजे तक पक्षी अवलोकन।
  • प्रातः 10 बजे से विद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए जन-जागरूकता कार्यशाला, जिसमें क्ले मॉडलिंग, पेपर क्राफ्ट और स्टोन पेंटिंग शामिल हैं।
  • प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक ‘मध्य प्रदेश के वन्य-जीव’ विषय पर स्टोन पेंटिंग (खुला वर्ग), वुडन टाइल पेंटिंग (खुला वर्ग), कहानी प्रतियोगिता (कक्षा 9 से 12) और खजाने की खोज (खुला वर्ग)।

वन विभाग के अनुसार, सप्ताह का उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और पर्यटकों में वन्य-जीव, उनके आवास, जैव विविधता और संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा प्रकृति के साथ जिम्मेदार व्यवहार को प्रोत्साहित करना है।

पंकज कुमार वर्मा

एक शांत और सोचने वाले इंसान हैं। घर का माहौल सादगी भरा रहा। वे सुबह जल्दी उठते हैं, अखबार पलटते हैं और दिन भर देखी गई बातों को याद रखते हैं। दोस्तों के साथ बैठक, लंबी सैर और पुरानी फिल्में देखना उनका शौक है। वे दिखावे से दूर रहते हैं और बात को उसके असली रूप में रखना पसंद करते हैं।

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