रांची: बारिश से घटी आवक, हरी सब्जियां 80 से 120 रुपये किलो तक

रांची। शहर के खुदरा बाजारों में हरी सब्जियों के दाम ऊंचे बने हुए हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पिछले दिनों हुई बारिश से कई इलाकों में फसल प्रभावित हुई और मंडी में आवक कम रही। इसका असर रसोई के बजट पर पड़ रहा है। बाजार सर्वे के अनुसार कई सब्जियां 80 से 120 रुपये प्रति किलो के बीच बिक रही हैं।
हरमू, रातू, चुटिया और आसपास के बाजारों से लिए गए भावों के मुताबिक फुलगोभी 80 से 100 रुपये, फरसबींस 100 से 120 रुपये, पालक 100 से 120 रुपये और बड़ा झींगा 100 से 120 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। हरा धनिया 200 से 220 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। सतपुतिया 300 से 400 रुपये प्रति किलो के आसपास है। भाव बाजार और गुणवत्ता के हिसाब से अलग-अलग हैं।
पत्तेदार सब्जियों में लाल साग और पोई साग 50 से 60 रुपये प्रति किलो, जबकि नौनी साग 25 से 30 रुपये प्रति पाव बिक रहा है। दुकानदारों का कहना है कि करीब एक सप्ताह में कई हरी सब्जियों के दाम लगभग दोगुने हो गए। नई फसल की आवक बढ़ने के बाद कीमतें धीरे-धीरे नीचे आ सकती हैं।
बाजार में सब्जियों के भाव
- नौनी साग: 25-30 रुपये प्रति पाव
- सतपुतिया: 300-400 रुपये प्रति किलो
- खीरा: 70-80 रुपये प्रति किलो
- लाल साग: 50-60 रुपये प्रति किलो
- कंदा: 60-70 रुपये प्रति किलो
- सकरकंद: 70-80 रुपये प्रति किलो
- भिंडी: 70-80 रुपये प्रति किलो
- फुलगोभी: 80-100 रुपये प्रति किलो
- बंधागोभी: 40-50 रुपये प्रति किलो
- टमाटर: 50-60 रुपये प्रति किलो
- बैंगन: 50-60 रुपये प्रति किलो
- करेला: 80-90 रुपये प्रति किलो
- बौदी: 60-70 रुपये प्रति किलो
- फरसबींस: 100-120 रुपये प्रति किलो
- शिमला मिर्च: 80-100 रुपये प्रति किलो
- नेनुआ: 60-70 रुपये प्रति किलो
- बड़ा झींगा: 100-120 रुपये प्रति किलो
- कद्दू: 50-60 रुपये प्रति किलो
- परवल: 40-50 रुपये प्रति किलो
- हरा धनिया: 200-220 रुपये प्रति किलो
- हरी मिर्च: 50-60 रुपये प्रति किलो
- नींबू: 5-7 रुपये प्रति पीस
- ओल: 50-60 रुपये प्रति किलो
- खेकसा: 80-100 रुपये प्रति किलो
- पालक: 100-120 रुपये प्रति किलो
- मूली: 50-60 रुपये प्रति किलो
- गाजर: 50-60 रुपये प्रति किलो
- बीट: 50-60 रुपये प्रति किलो
- सीम: 80-100 रुपये प्रति किलो
- कच्चू पत्ता: 60-70 रुपये प्रति किलो
नोट: ये भाव रांची के अलग-अलग खुदरा बाजारों से लिए गए हैं। मंडी और दुकान के हिसाब से इनमें अंतर हो सकता है।
रसोई का बजट बढ़ा
टाटीसिलवे की गृहिणी अनुराधा वत्सल ने कहा कि पहले परिवार के लिए कई तरह की सब्जियां आसानी से खरीदी जाती थीं, अब कीमत देखकर मात्रा कम करनी पड़ रही है। हरी सब्जियों के बढ़े दाम चिंता बढ़ा रहे हैं।
हरमू की गृहिणी छाया वर्मा ने कहा कि टमाटर, भिंडी, करेला और झींगा जैसी रोजमर्रा की सब्जियां महंगी हो गई हैं। जरूरत के हिसाब से खरीदारी अब पहले से महंगी पड़ रही है। उन्हें उम्मीद है कि कीमतें जल्द सामान्य होंगी।
चुटिया की ममता देवी ने कहा कि बारिश के बाद भाव लगातार बढ़े हैं। हरी सब्जियां महंगी होने से मासिक बजट प्रभावित हो रहा है, इसलिए कम कीमत वाली सब्जियों को तरजीह देनी पड़ रही है। नई फसल आने पर राहत मिल सकती है।
रातू की दिव्याशा ने कहा कि कई सब्जियां 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। वे जरूरत के अनुसार ही खरीद रही हैं। आवक बढ़ने पर दाम घटने की उम्मीद है।
दुकानदारों का कहना
स्थानीय सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि बारिश से कई जगह फसल प्रभावित हुई और मंडी में पर्याप्त माल नहीं आ रहा। इसी वजह से कुछ सब्जियों के भाव बढ़े हैं। नई फसल की आवक बढ़ने के बाद कीमतों में धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है।


