सोहना स्ट्रीट लाइट घोटाला: भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे ईओ संदीप मलिक का शशर्त पंचकूला तबादला

पटौदी/गुरुग्राम: सोहना नगर परिषद में स्ट्रीट लाइट की खरीद में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले में लंबी जांच के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। पटौदी जाटोली मंडी परिषद के मौजूदा कार्यकारी अधिकारी (ईओ) संदीप मलिक का शशर्त पंचकूला तबादला कर दिया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और अन्य सरकारी एजेंसियों की गहन जांच के बाद ईओ संदीप मलिक सहित 11 आरोपियों के खिलाफ सरकारी धन के गबन का मामला दर्ज किया गया है।
तबादले की उठ रही थी पुरजोर मांग
सोहना का यह घोटाला उजागर होने के बाद से ही पटौदी जाटोली मंडी परिषद में कार्यरत ईओ संदीप मलिक को पद से हटाने की मांग जोर पकड़ने लगी थी। विभिन्न समाचार पत्रों और स्थानीय मंचों के माध्यम से ‘सरकारी धन के गबन के आरोपी ईओ को रिलीव करें’ की मांग प्रमुखता से उठाई गई। लगातार उठ रही इन मांगों के लगभग 10-11 दिन बाद लोकल बॉडी डिपार्टमेंट, हरियाणा ने कथित भ्रष्टाचार के आरोपी कार्यकारी अधिकारी को शर्तों के साथ पंचकूला स्थानांतरित करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
सोहना से पटौदी तक का कार्यकाल
संदीप मलिक अतीत में पटौदी नगर पालिका के सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सोहना नगर परिषद के ईओ पद से तबादले के बाद, उन्होंने 20 मई 2025 को पटौदी जाटोली मंडी परिषद का कार्यभार संभाला था। यहां उन्होंने लगभग डेढ़ वर्ष तक अपनी सेवाएं दीं। इसी दौरान सोहना में उनके कार्यकाल में हुए स्ट्रीट लाइट खरीद मामले में करीब 8 साल चली विभिन्न स्तरों की जांच के बाद उन्हें दोषी ठहराते हुए एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस जांच की सिफारिश की गई।
हाउस की बैठक में गूंजा भ्रष्टाचार का मुद्दा
यह गंभीर मामला सामने आने के बाद पटौदी जाटोली मंडी परिषद की हाउस बैठक में वाइस चेयरमैन अमित शर्मा ने परिषद समेत अन्य विभागों में भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए आवाज बुलंद की। केंद्रीय मंत्री और सांसद राव इंद्रजीत सिंह के राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले पटौदी में इस तरह के सार्वजनिक आरोपों को लेकर माना जा रहा है कि इससे सरकार और पार्टी की छवि भी प्रभावित हुई है। हाल ही में एफ एंड सीसी की बैठक के बाद एक बार फिर परिषद के वाइस चेयरमैन ने मीडिया के सामने सीबीआई और विजिलेंस जांच की मांग दोहराई है।
क्या पटौदी के कार्यों की भी होगी जांच?
अब आम जनता में इस बात को लेकर सबसे अधिक जिज्ञासा है कि 20 मई 2025 के बाद से अब तक पटौदी जाटोली मंडी परिषद में जितने भी विकास कार्य हुए हैं और जो भी भुगतान किए गए हैं, क्या सोहना की तर्ज पर उनकी भी जांच होगी? क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग भविष्य में इन कार्यों की भी निर्णायक जांच करवाने की हिम्मत दिखा सकेंगे? फिलहाल, संदीप मलिक का शर्तों और विभागीय जांच के अधीन अस्थाई प्रमोशन के साथ पंचकूला तबादला हो गया है और परिषद स्टाफ द्वारा उन्हें विदाई पार्टी भी दी गई है।



