किसान सम्मान निधि की उम्मीद में लगा रहे चक्कर पात्रता के नियम बन रहे बाधा
राजनांदगांव: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि पाने की उम्मीद में जिले के हजारों किसान सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन योजना के पात्रता नियम उनकी राह में बाधा बन रहे हैं। खासकर वे किसान, जिन्होंने एक फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदकर खेती शुरू की है, योजना के लाभ से वंचित रह सकते हैं। जानकारी के अभाव में कई किसान आवेदन कर रहे हैं, जबकि नियमों के मुताबिक ऐसे नए भू-स्वामियों को सामान्यतः योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। हालांकि, इसी अवधि में विरासत के रूप में जमीन प्राप्त करने वाले किसानों को नियमानुसार लाभ मिल सकता है।
जमीन खरीदने और विरासत में मिलने के नियम अलग
केंद्र सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की है। इसके तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना छह हजार रुपये तीन समान किस्तों में दिए जाते हैं। प्रत्येक चार महीने में दो हजार रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में अंतरित की जाती है। एक फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदकर खेती शुरू करने वाले नए भू-स्वामी सामान्यतः पात्र नहीं हैं। वहीं, इस तारीख के बाद विरासत के रूप में जमीन प्राप्त करने वाले किसानों को अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करने पर योजना का लाभ मिल सकता है। नियमों की जानकारी नहीं होने के कारण कई किसान आवेदन करने के बाद भी लाभ की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
32 हजार अपात्र किसानों ने लिए 29 करोड़ से अधिक
योजना में अपात्र लोगों के लाभ लेने का मामला भी सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिले में करीब 32 हजार अपात्र किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 29 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त की है। इनमें आयकरदाता भी शामिल बताए जा रहे हैं। नियमों के तहत अपात्र पाए गए हितग्राहियों से राशि की वसूली की जानी है, लेकिन वसूली की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है। कृषि विभाग के सामने रिकवरी की जिम्मेदारी है, लेकिन पर्याप्त अमले और अधिकारियों की कमी के कारण कार्रवाई प्रभावित होने की बात कही जा रही है।


