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कीर्ति नगर में बुजुर्ग दंपती को क्रेटा ने मारी टक्कर, महिला चालक गिरफ्तार; दोनों का इलाज जारी

पश्चिमी दिल्ली के कीर्ति नगर में 2 अक्टूबर 2026 की सुबह आर्य समाज मंदिर के पास एक तेज रफ्तार हुंडई क्रेटा ने सड़क किनारे चल रहे बुजुर्ग दंपती को पीछे से टक्कर मार दी। पुलिस के अनुसार, घटना सुबह करीब 8:45 बजे की है। हादसे में 79 वर्षीय दयानंद तगरा और उनकी 71 वर्षीय पत्नी कुसुम तगरा घायल हो गए। दोनों को कीर्ति नगर के कालरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

अतिरिक्त डीसीपी (पश्चिम) अभिषेक गुप्ता के अनुसार, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। पुलिस ने बताया कि महिला की रीढ़ में चोट लगी है, जबकि पुरुष के सिर में खून का थक्का बना है। कुछ रिपोर्टों में दोनों की हालत में सुधार और खतरे से बाहर होने की बात कही गई है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित दंपती के बच्चे अमेरिका में रहते हैं।

सीसीटीवी में कैद हुई घटना

क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में घटना दर्ज हुई है। फुटेज के अनुसार, दंपती मंदिर से निकलकर सड़क की बाईं ओर धीरे-धीरे चल रहे थे। कुसुम तगरा हाथ में छड़ी लिए थीं। इसी दौरान ग्रे रंग की हुंडई क्रेटा ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर से कुसुम सड़क की बाईं ओर गिर पड़ीं, जबकि दयानंद उछलकर कार के बोनट पर गए और इसके बाद सिर के बल सड़क पर गिरे। उनके सिर और चेहरे पर चोट के निशान दिखे और सड़क पर खून भी दिखाई दिया।

फुटेज में यह भी दिखता है कि कार चला रही महिला गाड़ी से उतरी, घायलों की तरफ देखी और कुछ क्षण रुकने के बाद वापस कार में बैठकर मौके से चली गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों की मदद की और पुलिस को सूचना दी।

आरोपी गिरफ्तार, कार जब्त

कीर्ति नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 और 125(ए) के तहत एफआईआर संख्या 260/26 दर्ज की गई है। ये धाराएं सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाने और उससे चोट पहुंचाने से जुड़ी हैं। पुलिस ने सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर 49 वर्षीय नवलीन कौर की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, वह कीर्ति नगर की रहने वाली हैं और गृहिणी हैं। हादसे में शामिल क्रेटा कार (रजिस्ट्रेशन नंबर डीएल9सीएआर2591) भी जब्त कर ली गई है। मामले की आगे जांच जारी है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चालक कुछ देर के लिए गाड़ी से उतरी थी, लेकिन घायलों को अस्पताल नहीं ले गई और मौका छोड़कर चली गई। इस आधार पर लापरवाही से वाहन चलाने और चोट पहुंचाने के आरोप में कार्रवाई की गई है।

अजय यादव

एक सीधे-सादे स्वभाव के व्यक्ति हैं। बचपन से ही अपने आसपास की बातों को याद रखने की आदत रही। परिवार में बड़ों का आदर और मेहनत की सीख मिली। वे सड़कों पर घूमना, बस-स्टैंड और बाजार की हलचल देखना पसंद करते हैं। उन्हें लगता है कि असली तस्वीर वही है जो आम दिन में दिखती है, किसी मंच पर नहीं।

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