छत्तीसगढ़

कोरबा में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, रंगोली और पोस्टर प्रतियोगिता से दिया संदेश

कोरबा, 09 अक्टूबर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कोरबा जिले में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रंगोली, पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं के साथ सेमिनार का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, मानसिक समस्याओं की पहचान तथा समय पर परामर्श एवं उपचार प्राप्त करने के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य स्वस्थ जीवन का अभिन्न अंग है। जिस प्रकार शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक है, उसी प्रकार मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मानसिक रूप से स्वस्थ रहने से व्यक्ति अपने दैनिक कार्यों को बेहतर ढंग से कर सकता है और जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनता है।

उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने और उन्हें उचित परामर्श एवं उपचार के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना और उनसे संबंधित भ्रांतियों को दूर करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

डॉ. केशरी ने कहा कि मानसिक तनाव, चिंता अथवा अन्य मानसिक समस्याओं को छिपाने के बजाय उनके बारे में खुलकर बात करनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में प्रभावित व्यक्ति को दोष देने या उसका मजाक उड़ाने के बजाय उसे समझना, सहयोग देना और सही उपचार तक पहुंचने में मदद करना जरूरी है।

उन्होंने सकारात्मक सोच विकसित करने, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने तथा जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया। कार्यक्रम में आयोजित रंगोली, पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और इससे जुड़ी जागरूकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉ. के.के. सहारे, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पद्माकर शिंदे, डॉ. अशोक शाक्य, डॉ. अंकित गुप्ता, डॉ. कमल देवांगन, ताराचन्द श्रीवास, तृप्ति ब्राम्हणी, अंजिता बेक सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा मेडिकल एवं नर्सिंग के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

सुनीता सिंह

एक जिम्मेदार और परिवार-केंद्रित व्यक्तित्व हैं। उन्होंने जीवन में अनुशासन और ईमानदारी को सबसे ऊपर रखा है। पढ़ाई और घर संभालने के साथ-साथ समाज के छोटे कामों में भी रुचि रखती हैं। उन्हें बच्चों से बात करना, त्योहारों की तैयारी और घर की पुरानी यादें संजोना अच्छा लगता है। उनकी भाषा सरल है और सोच स्पष्ट।

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