छत्तीसगढ़

किसानों का 1,700 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने की मांग

ट्रैक्टरों के साथ निकली न्याय यात्रा

छत्तीसगढ़ संवाददाता

बिलासपुर, 9 अक्टूबर। धान खरीदी का बकाया भुगतान, फसलों का उचित दाम और खाद की किल्लत जैसे मुद्दों को लेकर भारतीय किसान संघ ने प्रदेशव्यापी आंदोलन किया। दावा है कि गुरुवार को 33 जिलों में किसानों ने प्रदर्शन किया। बिलासपुर में किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ बलराम किसान न्याय यात्रा निकाली और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों पर जल्द फैसला लेने की मांग की।

भारतीय किसान संघ ने वर्ष 2022-23 की धान खरीदी का करीब 1,700 करोड़ रुपये का बकाया तत्काल जारी करने की मांग की। संघ के मुताबिक, धान का खरीदी मूल्य 3,358 रुपये प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए। धान के अलावा दूसरी फसलें उगाने वाले किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत 15 हजार रुपये प्रति एकड़ देने की मांग भी उठाई गई।

किसानों ने धान खरीदी के दौरान निर्धारित वजन से ज्यादा तौल किए जाने की शिकायत उठाई। संघ ने मांग की कि पूरे प्रदेश में प्रति बोरी वजन की सीमा 40 किलो 700 ग्राम तय कर उसका समान रूप से पालन कराया जाए। टोकन व्यवस्था में छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने की मांग भी की गई।

गन्ना किसानों के लिए 150 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त भुगतान, कृषक उन्नति योजना का लाभ और समय पर राशि जारी करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

किसानों ने खाद की कमी और ऊंचे दामों पर बिक्री का मुद्दा उठाते हुए निर्धारित कीमत पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। हाल की बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग भी रखी गई।

इसके अलावा अरपा-भैंसाझार सहित लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने और नई परियोजनाओं को मंजूरी देने की मांग की गई।

भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष माधो सिंह ठाकुर ने कहा कि किसानों की मांगों का तय समय में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। बिलासपुर में प्रदर्शन के दौरान प्रदेश कोषाध्यक्ष गजानन दीघ्रस्कार, जिला अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद साहू और उपाध्यक्ष राजू सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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