INDIA ब्लॉक की बैठक में ममता-सोनिया की दिखी गहरी बॉन्डिंग, ममता ने CEC ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना; कहा- हम लड़ेंगे और जीतेंगे

नई दिल्ली: विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की बुधवार को संविधान क्लब में हुई बैठक में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच दिखी गर्मजोशी ने सियासी गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है। बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला और कहा कि विपक्ष लड़ेगा और जीतेगा। सोनिया गांधी इस दौरान ममता के बयानों पर सहमति जताती नजर आईं और मेज थपथपाई।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, ममता बनर्जी, सोनिया गांधी समेत करीब 19 दलों के नेता शामिल हुए। डीएमके और आम आदमी पार्टी ने बैठक से दूरी बनाई। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादav राजस्थान चुनाव नामांकन के कारण नहीं पहुंच सके, लेकिन उनके प्रतिनिधि शामिल हुए। उद्धव ठाकरे वर्चुअल रूप से जुड़े।
ममता का आक्रामक रुख और ज्ञानेश कुमार पर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग के गठजोड़ से कई राज्यों में सरकारें बनाई गईं। ममता ने कहा, “अब खुल्लम-खुल्ला हो गया है कि ज्ञानेश कुमार चोर, डाकू हैं। उन्होंने लोगों के वोट चुराए, ईवीएम मशीनें जलाईं, उन्हें हाईजैक किया और गिनती में धांधली की। इसलिए ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते तो विपक्ष “मिट्टी से आसमान तक” बड़ा आंदोलन करेगा। ममता ने जोर देकर कहा, “हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे। हम लोकतंत्र बहाल करने और संविधान की रक्षा के लिए काम करेंगे।”
“Fearless, feisty leaders don’t just fight. They applaud the ones fighting along.” — कांग्रेस का सोशल मीडिया पोस्ट, जिसमें सोनिया गांधी द्वारा ममता के भाषण के दौरान तालियां बजाने और मेज थपथपाने का वीडियो साझा किया गया।
सूत्रों के अनुसार बैठक के अंदर भी ममता ने SIR प्रक्रिया को “बदहाल तरीके से कराया गया” बताया और ज्ञानेश कुमार को “वैनिस कुमार” कहकर संबोधित किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव के बाद की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि अब वे घर से बाहर नहीं निकल सकतीं।
सोनिया-ममता बॉन्डिंग और विपक्षी एकजुटता का संदेश
बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी और सोनिया गांधी साथ बैठीं। ममता ने सोनिया से कहा कि वे खरगे के बगल में बीच में बैठें। ममता के जोशीले भाषण के दौरान सोनिया गांधी सिर हिलाती और सहमति जताती दिखीं। यह दृश्य दोनों दलों के बीच पहले के तनाव के बाद एकजुटता का संकेत माना जा रहा है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बैठक शुरू होने पर बताया कि 19 दल शामिल हैं और वे संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हैं। खरगे ने कहा कि चुनाव आयोग को मोदी और शाह की कठपुतली की तरह चलाया जा रहा है। विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने का मसौदा तैयार किया है।
आगे की रणनीति: आंदोलन, रैली और राष्ट्रपति से मुलाकात
बैठक में कई फैसले लिए गए:
- 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर “सेव डेमोक्रेसी” मार्च।
- 6 अक्टूबर को सांसदों का चुनाव आयोग तक मार्च।
- 1 नवंबर को दिल्ली समेत बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता में बड़ी रैलियां।
- अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर “वोट चोरी” का मुद्दा उठाना।
- भविष्य के चुनावों में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर की मांग।
- पुरानी मतदाता सूची बहाल करने और SIR प्रक्रिया पर आपत्ति।
ममता बनर्जी ने बैठक में INDIA ब्लॉक से बाहर के दलों जैसे बीजेडी से भी संपर्क बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि उन्होंने नवीन पटनायक से बात की है। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र पर हमला हुआ है और दोषियों को सजा दिलानी होगी।
विपक्ष का आरोप है कि SIR के जरिए बड़े पैमाने पर मतदाता नाम हटाए गए। ममता ने पश्चिम बंगाल में करीब 92 लाख नाम प्रभावित होने का दावा किया। चुनाव आयोग ने इन आरोपों का खंडन किया है और प्रक्रिया को कानूनी बताया है। भाजपा ने विपक्ष के इस अभियान को चुनावी हार के बाद की निराशा करार दिया है।
यह बैठक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल की हार और देशभर में SIR विवाद के बीच हुई है। विपक्ष इसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बता रहा है जबकि सत्ता पक्ष इसे राजनीतिक चाल मान रहा है। आगे के हफ्तों में जमीनी आंदोलन तय करेगा कि यह एकजुटता कितनी टिकाऊ रहती है।



