छत्तीसगढ़

जापान में मोजों को लेकर विरोध, कंपनी ने क्यों मांगी माफ़ी

अमेरिका और इसराइल के ईरान के साथ युद्ध और मध्य पूर्व से तेल निर्यात में बाधा के कारण जापान में वस्तुओं के उत्पादन और शिपिंग की लागत बढ़ गई है.

हालांकि, लगातार बढ़ती लागत के बावजूद कई जापानी कंपनियां ग्राहकों को खोने के डर से क़ीमतें बढ़ाने से बच रही हैं, और कुछ कंपनियों को दाम बढ़ाने पर ग्राहकों का विरोध झेलना पड़ा है या माफ़ी मांगनी पड़ी है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, कपड़ों की कंपनी यूनिक्लो ने ग्राहकों के विरोध के बाद अपने सामान्य मोज़ों की क़ीमत बढ़ाने के फ़ैसले को तुरंत वापस ले लिया.

इसी बीच, रेस्तरां श्रृंखला सीज़र्स ने अपने ग्राहकों से तब माफ़ी मांगी, जब उसने अपने एक लोकप्रिय भोजन की क़ीमत में मात्र 20 येन की बढ़ोतरी की.

एनर्जी इम्पोर्ट पर निर्भर जापान, यूक्रेन युद्ध के बाद बढ़ती क़ीमतों से पहले ही प्रभावित हो चुका था, लेकिन ईरान के साथ युद्ध और होर्मुज़ स्ट्रेट से टैंकर यातायात में आई बाधा ने अब देश के व्यवसायों पर और अधिक दबाव डाल दिया है.

हालांकि, बढ़ती लागत के बावजूद कई जापानी कंपनियां अपने ग्राहकों को खोने के डर से क़ीमतें बढ़ाने से बच रही हैं.(bbc.com/hindi)

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