हाईटेंशन करंट से कबाड़ी की मौत

बंद पड़ी एसईसीएल ओसीएम खदान में केबल काटने के दौरान हुआ हादसा, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
छत्तीसगढ़ संवाददाता
सूरजपुर, 8 नवंबर।दीपावली के ठीक एक दिन पहले शनिवार दोपहर एसईसीएल बिश्रामपुर की बंद पड़ी ओसीएम खदान में हुए हादसे में 20 वर्षीय कबाड़ी युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान शिवनंदनपुर निवासी आर्यन बरई उर्फ पोकीया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक 11 केवी बिजली तार के संपर्क में आकर बुरी तरह झुलस गया।
जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे के बीच आर्यन बरई बंद पड़ी ओसीएम खदान के सब स्टेशन के पास बिजली केबल काटने के उद्देश्य से प्लास लेकर खंभे पर चढ़ा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह 11 केवी के चालू बिजली तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसका शरीर बुरी तरह झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
बताया जाता है कि युवक के साथ कुछ अन्य लोग भी केबल काटने के लिए मौके पर मौजूद थे, जो हादसे के बाद वहां से भाग निकले। सूचना मिलने पर बिश्रामपुर पुलिस मौके पर पहुंची और एसईसीएल प्रबंधन को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने शव पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मर्चुरी में रखवा दिया। देर शाम होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
दिनदहाड़े केबल चोरी के प्रयास ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल
गौरतलब है कि बिश्रामपुर क्षेत्र में कबाड़ चोरों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। पहले जहां रात के अंधेरे में केबल चोरी की घटनाएं सामने आती थीं, वहीं अब चोरों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि दिनदहाड़े 11 केवी बिजली लाइन के खंभे पर चढ़कर केबल काटने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना ने बंद पड़ी ओसीएम खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस स्थान पर इतनी खतरनाक विद्युत लाइन मौजूद है, वहां सुरक्षा और निगरानी की क्या व्यवस्था थी? घटना के दौरान मौके पर एसईसीएल का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में बंद पड़ी खदानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रबंधन की जिम्मेदारी पर सवाल उठना लाजिमी है।



