ट्रंप ने घोषणा की: एस्सार ग्रुप आयोवा में करीब 15 अरब डॉलर की इंटीग्रेटेड स्टील मिल बनाएगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 सितंबर 2026 को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में घोषणा की कि भारतीय एस्सार ग्रुप की अमेरिकी इकाई मेसाबी मेटालिक्स आयोवा राज्य में एक विशाल इंटीग्रेटेड स्टील मिल बनाएगी। इस प्रोजेक्ट में करीब 15 अरब डॉलर का निवेश प्रस्तावित है। मिनेसोटा की आयरन ओर माइनिंग सहित संयुक्त राज्य अमेरिका में कंपनी की कुल प्रतिबद्धता लगभग 18 अरब डॉलर बताई गई है।
ट्रंप ने इस सुविधा को अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बताया। व्हाइट हाउस के अनुसार उत्पादन वर्ष 2030 में शुरू होने का लक्ष्य है। पहले चरण में सालाना करीब 7.5 मिलियन टन स्टील बनाने की योजना है, जिसे बाद में बढ़ाकर लगभग 10 मिलियन टन तक ले जाने का अनुमान है।
आयोवा में प्रस्तावित साइट और नौकरियां
आयोवा की गवर्नर किम रेनॉल्ड्स और अन्य राज्य अधिकारियों के बयानों के अनुसार इंटीग्रेटेड स्टील कॉम्प्लेक्स का विकास दक्षिण-पूर्वी आयोवा के ली काउंटी में प्रस्तावित है। कंपनी ने आधिकारिक रूप से अंतिम साइट की पुष्टि सभी रिपोर्टों में एक समान रूप से नहीं की है, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ली काउंटी का उल्लेख किया है।
प्रशासन और कंपनी के अनुमान के अनुसार इस परियोजना से आयोवा में लगभग 1,750 स्थायी नौकरियां और पहले चरण के निर्माण के दौरान 5,000 से 6,000 निर्माण संबंधी रोजगार पैदा हो सकते हैं। व्हाइट हाउस का अनुमान है कि निर्माण अवधि और संचालन के पहले दशक में कुल आर्थिक प्रभाव करीब 95 अरब डॉलर हो सकता है। ये आंकड़े कंपनी और प्रशासन के अनुमान हैं, ऑडिटेड परिणाम नहीं।
मिनेसोटा की खदान से जुड़ी सप्लाई चेन
मेसाबी मेटालिक्स का नेतृत्व सीईओ जो ब्रोकिंग कर रहे हैं। कंपनी मिनेसोटा के नैशवाक में आयरन ओर माइन विकसित कर रही है, जो 16,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली बताई जाती है। यह माइन पेट्रियट पेलेट ब्रांड के डायरेक्ट रिडक्शन ग्रेड पेलेट्स बनाने के लिए डिजाइन की गई है। इन पेलेट्स को अमेरिकी रेल नेटवर्क के जरिए आयोवा मिल तक ले जाने की योजना है, जहां इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस आधारित उत्पादन प्रस्तावित है।
मेसाबी मेटालिक्स के चेयरमैन रेवंत रुइया ने इसे पूरी तरह इंटीग्रेटेड अमेरिकी स्टील व्यवसाय बताया, जो मिनेसोटा के आयरन ओर संसाधनों को आयोवा की उत्पादन सुविधा से जोड़ेगा। एस्सार ग्रुप के संस्थापक और वाइस-चेयरमैन रवि रुइया ने इस निवेश को भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक साझेदारी से जोड़ा।
टैरिफ नीति और रणनीतिक संदर्भ
वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि पिछले वर्ष आयातित स्टील पर बढ़ाए गए सेक्शन 232 टैरिफ के बिना यह परियोजना संभवतः व्यवहार्य नहीं होती। प्रशासन ने इन व्यापार उपायों को घरेलू निर्माण के लिए अनुकूल माहौल बनाने वाला बताया है।
यह परियोजना 2019 में एस्सार स्टील इंडिया के आर्सेलरमित्तल और निप्पन स्टील को ट्रांसफर किए गए पुराने भारतीय संचालन से अलग है। वर्तमान योजना रुइया परिवार की नई, डॉलर आधारित निवेश रणनीति का हिस्सा बताई गई है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
एस्सार का नैशवाक प्रोजेक्ट से जुड़ाव वर्ष 2007 से रहा है। वित्तीय कठिनाइयों के कारण 2016 में एस्सार स्टील मिनेसोटा ने लगभग एक अरब डॉलर के कर्ज के साथ चैप्टर 11 दिवालिया प्रक्रिया दायर की थी। बाद में परिसंपत्तियों को मेसाबी मेटालिक्स के रूप में पुनर्गठित किया गया और डेट परचेस के जरिए नियंत्रण फिर हासिल किया गया। कंपनी का कहना है कि ठेकेदारों और राज्य संबंधी दायित्व वर्तमान में पूरे किए जा रहे हैं तथा माइन साइट पर पहले से 1,500 से अधिक निर्माण कर्मी कार्यरत हैं।
भविष्य की प्रगति वित्तपोषण समझौतों को अंतिम रूप देने, आयोवा साइट के लिए पर्यावरणीय परमिट हासिल करने और मिनेसोटा माइन में पेलेट उत्पादन बनाए रखने पर निर्भर करेगी।
आगे की निगरानी
आने वाले महीनों में साइट डेवलपमेंट, वित्तपोषण दस्तावेज और माइन आउटपुट पर नजर रखी जाएगी। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल जी20 व्यापार बैठकों के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका का दौरा कर रहे हैं। यह दौरा व्यापक व्यापार चर्चाओं का हिस्सा है और इस औद्योगिक प्रतिबद्धता से जुड़े आगे के संवादों के लिए मंच बन सकता है।



