पूर्व कुलपति के खिलाफ जांच की मांग वाली याचिका खारिज
हाईकोर्ट ने कहा- अब प्रभावी राहत संभव नहीं
छत्तीसगढ़ संवाददाता
बिलासपुर, 7 नवंबर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई के पूर्व कुलपति डॉ. एमके वर्मा के खिलाफ शिकायतों की जांच कराने और कार्रवाई की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने दुर्ग निवासी ओमप्रकाश मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया।
याचिकाकर्ता ने 15 नवंबर 2021 को पूर्व कुलपति के खिलाफ शिकायत और अभ्यावेदन दिया था। आरोप था कि उनके कुछ फैसले विश्वविद्यालय के हितों के विपरीत हैं।
याचिकाकर्ता के अनुसार, राज्यपाल सचिवालय के माध्यम से शिकायत तकनीकी शिक्षा विभाग को भेजी गई थी। विभाग को जांच कर रिपोर्ट याचिकाकर्ता और कुलाधिपति कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए थे।
उनका आरोप था कि जांच पूरी करने के बजाय कुलसचिव ने 14 जून 2024 और 8 जुलाई 2024 को उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए पत्र जारी कर दिए। उन्होंने इस प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई थी।
याचिका में विभाग को एक महीने के भीतर जांच पूरी करने और कुलाधिपति को रिपोर्ट मिलने के एक महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
शासन की ओर से उप महाधिवक्ता अविनाश चंद्र साहू ने बताया कि डॉ. वर्मा का कार्यकाल अगस्त 2025 में समाप्त हो चुका है और नए कुलपति पदभार संभाल चुके हैं।
हाईकोर्ट ने माना कि मौजूदा परिस्थितियों में विवाद काफी हद तक अप्रासंगिक हो चुका है और अब याचिकाकर्ता को कोई प्रभावी राहत नहीं दी जा सकती। इसके साथ ही याचिका खारिज कर दी गई।



