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265 फ्लाइट्स को नवी मुंबई शिफ्ट करने पर भड़कीं प्रियंका चतुर्वेदी, पूछा- बिना तैयारी के यह फैसला कैसे सही?

मुंबई: मुंबई के हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 (T1) के पुनर्निर्माण के चलते 265 उड़ानों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट शिफ्ट करने के फैसले पर विवाद शुरू हो गया है। शिवसेना (UBT) की नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस आदेश पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने बिना उचित इंफ्रास्ट्रक्चर और तैयारी के लिए गए इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे यात्रियों के लिए भारी परेशानी का सबब बताया है।

यात्रियों की असुविधा और कनेक्टिविटी पर उठाए सवाल

प्रियंका चतुर्वेदी ने इस फैसले को लेकर प्रशासन की तैयारियों की पोल खोली। उन्होंने कहा, “अगर T1 की मरम्मत का काम हो रहा है, तो यात्रियों के पास या तो मुंबई से नवी मुंबई जाने का विकल्प हो या फिर उड़ानें रद्द कर दी जाएं, आखिर यह कैसी स्थिति है?” उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई वैकल्पिक ट्रांसपोर्ट और मजबूत कनेक्टिविटी होती, तो यात्रियों के लिए दूसरी व्यवस्था चुनना आसान होता। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम मुंबई की हवाई कनेक्टिविटी के लिए बड़ी समस्या पैदा करने वाला है।

‘यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ेगा’

इतनी बड़ी संख्या में उड़ानों के अचानक स्थानांतरण से यात्रियों की जेब और समय दोनों पर भारी असर पड़ने वाला है। प्रियंका चतुर्वेदी ने चिंता जताते हुए कहा कि नवी मुंबई एयरपोर्ट जाने के लिए यात्रियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे उनका सफर और खर्चीला हो जाएगा। इसके अलावा, टर्मिनल की मरम्मत के दौरान इस तरह उड़ानों के डायवर्जन से मुंबई के प्रमुख एविएशन हब के परिचालन पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

क्यों शिफ्ट हो रही हैं 265 उड़ानें?

दरअसल, पुराने हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 को जनवरी से तोड़ा जा रहा है ताकि इसका आधुनिक तरीके से पुनर्निर्माण किया जा सके। इसी मरम्मत और निर्माण कार्य के चलते 265 उड़ानों को नवी मुंबई एयरपोर्ट से संचालित करने का फैसला लिया गया है。

किन एयरलाइंस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

उड़ानों के शिफ्ट होने से प्रमुख एयरलाइंस के शेड्यूल में बड़ी कटौती होगी:

  • इंडिगो (IndiGo): सबसे ज्यादा असर इंडिगो पर पड़ेगा। कंपनी की हर हफ्ते की 224 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में से 74 उड़ानें शिफ्ट की जाएंगी।
  • एअर इंडिया (Air India): इसके बाद एअर इंडिया का नंबर है, जिसे अपनी 100 उड़ानों में से 33 उड़ानों को दूसरी जगह स्थानांतरित करना होगा।

विशेषज्ञों और यात्रियों में चिंता

इस फैसले के बाद से आम यात्रियों के साथ-साथ विशेषज्ञों में भी चिंता देखी जा रही है। विशेषज्ञों और जन प्रतिनिधियों का स्पष्ट मानना है कि उड़ानों को शिफ्ट करने से पहले अधिकारियों को दोनों हवाई अड्डों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी और वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करना चाहिए था। बिना ठोस इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए गए इस फैसले से यात्रियों के बीच भारी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है。

राजेश कुमार

उत्तर भारत के एक छोटे शहर में पले-बढ़े। बचपन से ही लोगों की बातें सुनना और आसपास की ज़िंदगी को ध्यान से देखना उनकी आदत रही है। परिवार में सादगी और मेहनत को हमेशा महत्व दिया गया। खाली समय में किताबें पढ़ना, पुरानी डायरियाँ पलटना और सड़क किनारे चाय की दुकान पर बैठकर आम लोगों से बात करना उन्हें अच्छा लगता है। वे मानते हैं कि हर इंसान की अपनी एक कहानी होती है, बस उसे सुनने वाला कोई होना चाहिए।

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