राष्ट्रीय एकता दिवस पर CISF ने निकाली ‘रन फॉर यूनिटी’, अधिकारियों और जवानों ने दिया एकता का संदेश
कोरबा, 31 अक्टूबर। लौह पुरुष एवं भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती तथा राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), इकाई एसईसीएल बिलासपुर द्वारा राष्ट्रीय एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे का संदेश देने के उद्देश्य से भव्य ‘रन फॉर यूनिटी’ (एकता दौड़) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में CISF के अधिकारियों एवं जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ इकाई प्रभारी एवं उपमहानिरीक्षक रघुवीर नरेन ने हरी झंडी दिखाकर किया। एकता दौड़ गेवरा स्थित CISF इकाई लाइन से प्रारंभ हुई, जो शक्तिनगर होते हुए पुनः इकाई लाइन गेवरा पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान अधिकारियों और बल सदस्यों ने पूरे उत्साह एवं अनुशासन के साथ दौड़ में हिस्सा लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य नागरिकों एवं बल सदस्यों के बीच राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और देश के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपमहानिरीक्षक रघुवीर नरेन ने बल सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपने अदम्य साहस, दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की विभिन्न रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उनका जीवन और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल एक विचार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का महत्वपूर्ण दायित्व है। भाषा, क्षेत्र, धर्म और संस्कृति की विविधताओं के बावजूद हम सभी एक भारतीय हैं। यही विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि CISF के प्रत्येक बल सदस्य की जिम्मेदारी केवल देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बनाए रखने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने सभी से आपसी सद्भाव, अनुशासन, भाईचारे और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब देशवासी एकजुट होकर राष्ट्रहित में कार्य करेंगे, तभी भारत सशक्त, समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनेगा।
‘रन फॉर यूनिटी’ के आयोजन के माध्यम से CISF ने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता को अक्षुण्ण बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।



