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उन्नाव सांसद साक्षी महाराज का विपक्ष पर हमला, कहा- चुनाव बेईमान होते तो सपा 37 सीटें नहीं जीतती

उन्नाव। भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव व्यवस्था पारदर्शी नहीं होती, तो उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी 37 लोकसभा सीटें नहीं जीत पाती। उन्नाव के गदन खेड़ा स्थित अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने विपक्ष से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को स्वीकार करने की बात कही।

साक्षी महाराज ने कहा, “अगर चुनाव व्यवस्था बेईमान होती तो 80 के 80 हमारे होते।” उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश में भाजपा को 33 और समाजवादी पार्टी को 37 सीटें मिलीं। उन्होंने इसे चुनाव निष्पक्ष होने का उदाहरण बताया। 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों पर समाजवादी पार्टी ने 37, भाजपा ने 33, कांग्रेस ने 6, राष्ट्रीय लोक दल ने 2, अपना दल (सोनेलाल) ने 1 और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने 1 सीट जीती थी।

ज्ञानेश कुमार की प्रशंसा करो, धन्यवाद करो

साक्षी महाराज ने विपक्ष को सलाह देते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के बजाय उनकी प्रशंसा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “आपने 37 जीते, हमने 33 जीते। इसलिए ज्ञानेश कुमार की प्रशंसा करो, धन्यवाद करो और उनकी आरती उतारो।” उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास पहले जैसा मजबूत संगठन और चुनाव लड़ने की तैयारी नहीं है, इसलिए वह चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहा है। साक्षी महाराज ने कहा, “विपक्ष के पास कार्यकर्ता हैं नहीं, चुनाव लड़ना आता नहीं और आरोप ज्ञानेश कुमार पर लगा रहे हैं।” ज्ञानेश कुमार 19 फरवरी 2025 से मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। उससे पहले वह मार्च 2024 से चुनाव आयुक्त थे। 2024 के लोकसभा चुनाव के समय मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार थे।

मैंने लुटती देखी हैं मतपेटियां

साक्षी महाराज ने पुराने चुनावी अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने वह दौर भी देखा है, जब मतदान में धांधली के आरोप लगते थे। उन्होंने दावा किया कि पहले मतपेटियां तक चोरी हो जाती थीं और वोटों का डाका पड़ता था। उन्होंने कहा, “मैंने मतपेटियां लुटते देखी हैं। पीठासीन अधिकारी खुद मुझे देता था कि वोट डाल लो।” उनके मुताबिक पहले चुनावों में चोरी और गड़बड़ी की शिकायतें आम थीं, लेकिन अब व्यवस्था काफी बदल चुकी है।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हाल में प्रकाशित रिपोर्टों में दो चुनाव आयुक्तों द्वारा कुछ निर्णयों पर लिखित आपत्ति दर्ज करने की बात कही गई है, जिसके बाद कई विपक्षी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है।

मनोज तिवारी

पारंपरिक परिवार से आते हैं। घर में पूजा-पाठ, बड़ों का सम्मान और सादा रहन-सहन रहा। उन्होंने जीवन में धैर्य और संयम सीखा। उन्हें मंदिर के प्रांगण में बैठना, गंगा किनारे की यादें और पुराने रिश्तों को जीवित रखना अच्छा लगता है। वे कम शब्दों में बात करते हैं, लेकिन बात पूरी होती है।

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