बलौदाबाजार: सड़क पर मवेशी छोड़ने पर जुर्माना के साथ हो सकेगी पुलिस कार्रवाई

बलौदाबाजार, 5 अक्टूबर 2026। शहर की सड़कों, मुख्य मार्गों और हाईवे पर मवेशी छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ नगरीय प्रशासन सख्त अभियान की तैयारी में है। सड़क पर पकड़े गए पशु के कान में लगे ईयर-टैग से मालिक की पहचान की जाएगी। संबंधित पशुपालक पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर पुलिस कार्रवाई भी की जा सकती है।
नगर पालिका और नगर पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभियान चलाकर सड़कों से मवेशी हटाएं, उन्हें निर्धारित कांजी हाउस या शेल्टर में पहुंचाएं और पूरी कार्रवाई का रिकॉर्ड रखें। अभियान की निगरानी के लिए हर नगर पालिका और नगर पंचायत में एक जिम्मेदार अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। नोडल अधिकारी टैगिंग, धरपकड़, शेल्टर में भेजने, पशुपालक की पहचान और आगे की कार्रवाई पर नजर रखेंगे। अभियान की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। नगर निकायों के साथ पुलिस और नगर सेना का सहयोग भी लिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा जोर
यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 31 जुलाई 2026 के फैसले के बाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निशा बनाम म्युनिसिपल काउंसिल संगरूर मामले में अदालत ने आवारा मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं को सार्वजनिक सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बताया। कोर्ट ने राज्यों से पशुओं की टैगिंग, रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, सुरक्षित शेल्टर और दुर्घटना पीड़ितों के लिए मुआवजे की व्यवस्था जैसे कदम उठाने को कहा है।
यह मामला पंजाब के संगरूर से जुड़ा था, जहां 21 सितंबर 2007 को विजय कुमार एक आवारा सांड से टकराकर घायल हुए थे और बाद में उनकी मौत हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का आदेश पलटते हुए उनकी पत्नी निशा को 15 लाख रुपये का एकमुश्त मुआवजा चार सप्ताह में देने का निर्देश दिया था। पीठ ने टिप्पणी की थी कि आवारा मवेशी सड़कों पर खड़े प्राकृतिक स्पीड ब्रेकर नहीं हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि पशु की उपयोगिता घटने के बाद उसे सड़क पर छोड़ने वाले मालिक की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और ऐसे पशु को सुरक्षित शेल्टर तक पहुंचाया जाना चाहिए। शेल्टर में पशु जमा करने पर रसीद जारी करने पर भी जोर दिया गया है।
ईयर-टैग से होगी पहचान
अभियान में सबसे अहम भूमिका मवेशियों की पहचान की होगी। सड़क पर पकड़े गए पशु के ईयर-टैग से उसके मालिक तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पशुओं की टैगिंग अनिवार्य करने और टैगिंग रिकॉर्ड डिजिटल करने की जरूरत बताई है। बलौदाबाजार के मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशीष तिवारी के अनुसार, सड़कों पर मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निकाय विशेष अभियान चलाएगा। घूमते पाए गए मवेशियों को निर्धारित कांजी हाउस और शेल्टर में भेजा जाएगा तथा ईयर-टैग से पशुपालकों की पहचान कर नियमानुसार जुर्माना और अन्य कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
बलौदाबाजार जिले में अगस्त 2024 में सड़क और गलियों में बार-बार मवेशी छोड़ने वाले तीन पशु मालिकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी। जून 2024 तक उपलब्ध स्थानीय आंकड़ों में जिले में 317 सड़क हादसों में 155 लोगों की मौत और 224 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी। इनमें से करीब एक तिहाई हादसे सड़क पर बैठे मवेशियों से जुड़े बताए गए। जुलाई 2026 में गिधौरी-बरपाली मार्ग पर आवारा मवेशी से बाइक टकराने के बाद एक युवक सड़क किनारे गिरकर गंभीर रूप से घायल हुआ था। डायल-112 की टीम ने उसे अस्पताल पहुंचाया था।
प्रशासन का कहना है कि दूध निकालने के बाद गाय-भैंस को सड़क पर छोड़ देने की आदत अब केवल जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगी। पशुपालकों से अपील है कि वे मवेशियों को घर या सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं और यातायात बाधा को रोका जा सके।


