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तुर्की से डिपोर्ट कर भारत लाया गया नशीले पदार्थों की तस्करी का आरोपी नवप्रीत सिंह, राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश

नई दिल्ली, 3 अक्टूबर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को बताया कि नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी का आरोपी नवप्रीत सिंह तुर्की से डिपोर्ट होकर भारत पहुंच गया है। शाह ने इसे मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। दिल्ली पुलिस ने उसे राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया और 10 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की। रिपोर्टों के अनुसार अदालत ने 10 दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर कर दी।

प्रेस सूचना ब्यूरो और गृह मंत्री के एक्स पोस्ट के अनुसार, नवप्रीत सिंह ने नवाब विर्क की फर्जी पहचान से तुर्की की नागरिकता ली थी। आरोप है कि पहचान बदलने के बाद भी वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी करता रहा। एजेंसियों ने उसकी असली पहचान उजागर कर डिपोर्टेशन सुरक्षित किया। शाह ने कहा कि उसे भारत लाकर नशीले पदार्थों की तस्करी और अन्य आरोपों के मामलों में जेल भेज दिया गया है।

अदालत में क्या हुआ

एएनआई के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने राउज एवेन्यू कोर्ट को बताया कि नवप्रीत सिंह पूरे नेटवर्क का सरगना है और उसे शनिवार को ही राजधानी लाया गया। पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि हवाई अड्डे पर पहुंचने के तुरंत बाद उसने खुद को चोट पहुंचाई और उसका मेडिको-लीगल सर्टिफिकेट तैयार कराया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि फरवरी 2022 में अदालत ने उसे प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया था। उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। पुलिस ने आगे की जांच के लिए उसे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब ले जाने की जरूरत भी बताई।

कैसे जुड़ा था नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार, नवप्रीत सिंह भारत, अफगानिस्तान और तुर्की के बीच चल रहे एक अंतरराष्ट्रीय नारकोटिक्स सिंडिकेट का तुर्की स्थित कथित किंगपिन था। उसके चचेरे भाई प्रभदीप सिंह को भारत में नेटवर्क की कड़ी बताया गया। जांच की शुरुआत 2021 में दक्षिण दिल्ली में रिजवान कश्मीरी की गिरफ्तारी से हुई। पूछताछ से कई राज्यों और अफगान नागरिकों से जुड़े व्यापक नेटवर्क का पता चला। संबंधित जांच में फरीदाबाद में एक वाहन से 166 किलोग्राम और दूसरे वाहन से 115 किलोग्राम हेरोइन बरामद होने की जानकारी अधिकारियों ने दी।

गृह मंत्री का बयान

अमित शाह ने एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि मोदी सरकार दिसंबर 2029 से पहले हर नारको-कार्टेल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीआईबी के अनुसार, 2019 से अगस्त 2026 तक सरकार 36 देशों से कुल 288 भगोड़ों को वापस ला चुकी है। हाल के महीनों में तुर्की से यह दूसरा बड़ा नशीले पदार्थ तस्करी का आरोपी डिपोर्ट हुआ है। इससे पहले दाऊद इब्राहिम के सहयोगी सलीम डोला को भी तुर्की से डिपोर्ट कराया गया था।

ये दावे अभी आरोप हैं। अदालत में मुकदमे की सुनवाई और सबूतों के आधार पर ही इन पर अंतिम फैसला होगा।

मनोज तिवारी

पारंपरिक परिवार से आते हैं। घर में पूजा-पाठ, बड़ों का सम्मान और सादा रहन-सहन रहा। उन्होंने जीवन में धैर्य और संयम सीखा। उन्हें मंदिर के प्रांगण में बैठना, गंगा किनारे की यादें और पुराने रिश्तों को जीवित रखना अच्छा लगता है। वे कम शब्दों में बात करते हैं, लेकिन बात पूरी होती है।

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