छत्तीसगढ़

अच्छे आचरण का मिला इनाम : केंद्रीय जेल से 21 उम्रकैद के कैदी रिहा, 14 साल से अधिक काट चुके थे सजा

बिलासपुर, 09 अक्टूबर। केंद्रीय जेल बिलासपुर से आज 21 आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों को रिहा किया गया। रिहा होने वालों में 20 पुरुष और एक महिला कैदी शामिल हैं। इन कैदियों ने करीब 14 साल या उससे अधिक समय जेल में बिताया है। जेल में अच्छे व्यवहार और आचरण को देखते हुए उनकी रिहाई का फैसला लिया गया।

केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से छत्तीसगढ़ के जेल डीजी हिमांशु गुप्ता लगातार बिलासपुर केंद्रीय जेल का दौरा कर रहे थे। इस दौरान वे कैदियों से जुड़े मामलों को लेकर सजग रहे और उनकी मानसिक स्थिति के साथ-साथ जेल में उनके व्यवहार और आचरण को समझने पर जोर दिया।

जेल अधीक्षक के मुताबिक, डीजी हिमांशु गुप्ता ने शासन से ऐसे कैदियों को रिहा कर समाज की मुख्यधारा में दोबारा शामिल करने की पहल की, जिनका जेल में रहते हुए व्यवहार अच्छा रहा है। इसी पहल के तहत 21 कैदियों की रिहाई की गई है।

इस रिहाई को अन्य कैदियों के लिए भी एक उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि जेल में रहते हुए अच्छा व्यवहार, अनुशासन और बेहतर आचरण बनाए रखने वाले कैदियों को दोबारा सामान्य जीवन में लौटने का अवसर मिल सकता है।

सुनीता सिंह

एक जिम्मेदार और परिवार-केंद्रित व्यक्तित्व हैं। उन्होंने जीवन में अनुशासन और ईमानदारी को सबसे ऊपर रखा है। पढ़ाई और घर संभालने के साथ-साथ समाज के छोटे कामों में भी रुचि रखती हैं। उन्हें बच्चों से बात करना, त्योहारों की तैयारी और घर की पुरानी यादें संजोना अच्छा लगता है। उनकी भाषा सरल है और सोच स्पष्ट।

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