छत्तीसगढ़

एक और चक्रवात आगे बढ़ रहा, 3-4 को छत्तीसगढ़ में बारिश

रायपुर, 31 अक्टूबर।एक और चक्रवाती तूफ़ान आगे बढ़ रहा है। इसकी वजह से मौसम विभाग ने 3-4 नवंबर को छत्तीसगढ़ में बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह एवं अंडमान सागर के ऊपर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र अगले कुछ घंटों में अवदाब और उसके बाद चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। इसके 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश तट के निकट पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पहुंचने की संभावना है।

ओडिशा में 2 नवंबर को भारी तथा 3-4 नवंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। छत्तीसगढ़ में 3 और 4 नवंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी एवं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 4 नवंबर तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।आईएमडी के मुताबिक, शनिवार सुबह 8:30 बजे यह प्रणाली दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित थी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए अगले 24 घंटों के भीतर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकती है। इसके प्रभाव से दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 2 नवंबर को कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। वहीं 3 नवंबर को भी कई इलाकों में बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा रायलसीमा में 2 और 3 नवंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है और ओडिशा में 3-4 नवंबर को बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ थंडरस्क्वॉल (आंधी) आने की संभावना है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 6 नवंबर तक रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है। केरल और माहे में 1 से 4 नवंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है। तेलंगाना, तटीय कर्नाटक और आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में 2 से 5 नवंबर तक मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने का अनुमान है। पूर्वी भारत में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा।

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