कांग्रेस ने पंजाब और उत्तर प्रदेश में बदले प्रदेश अध्यक्ष, परगट सिंह और आराधना मिश्रा को सौंपी कमान
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2026: कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब और उत्तर प्रदेश में संगठन की कमान बदली है। पार्टी ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर को पूर्व ओलंपियन और जलंधर कैंट विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया। इसी दिन तीन बार विधायक रही आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष बनाया गया। दोनों नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हैं।
पंजाब में परगट सिंह अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह ले रहे हैं। वड़िंग ने शुक्रवार को ही प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सौंपा गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल के हस्ताक्षर वाले नोटिफिकेशन के अनुसार परगट सिंह की नियुक्ति तुरंत प्रभावी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस फैसले को मंजूरी दी है।
परगट सिंह भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान हैं। उन्होंने 1988, 1992 और 1996 के ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें अर्जुन पुरस्कार और पद्म श्री मिल चुका है। वे 2012 से जलंधर कैंट सीट के विधायक हैं। पहले शिरोमणि अकाली दल से जुड़े रहे, फिर दिसंबर 2016 में कांग्रेस में शामिल हुए। 2017 और 2022 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर सीट बरकरार रखी। चरणजीत सिंह चन्नी सरकार में वे शिक्षा और खेल मंत्री रह चुके हैं। फिलहाल वे जम्मू-कश्मीर के प्रभारी एआईसीसी सचिव भी हैं।
यह बदलाव 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हुआ है। राज्य इकाई में लंबे समय से गुटबाजी चल रही थी। चन्नी खेमे के नेता वड़िंग को हटाने की मांग कर रहे थे। सितंबर में पार्टी ने पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को लगाया था। पायलट ने राज्य नेताओं से बातचीत के बाद नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। वड़िंग ने परगट सिंह को बधाई दी है। सूत्रों के अनुसार हाईकमान ने जाट सिख चेहरे और अपेक्षाकृत गैर-विवादास्पद छवि वाले परगट सिंह को सहमति उम्मीदवार के रूप में चुना। पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला समेत अन्य नाम भी चर्चा में थे।
उत्तर प्रदेश में आराधना मिश्रा ‘मोना’ अजय राय की जगह ले रही हैं। राय अगस्त 2023 से प्रदेश अध्यक्ष थे। कांग्रेस ने सहारनपुर सांसद इमरान मसूद को वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया है। चौधरी वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है। यह पद अब तक आराधना मिश्रा के पास था। पार्टी ने अजय राय के योगदान की सराहना की है।
आराधना मिश्रा प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से तीन बार विधायक हैं। उन्होंने 2014 के उपचुनाव में पहली बार विधानसभा पहुंचीं और 2017 तथा 2022 में सीट बरकरार रखी। वे राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। प्रमोद तिवारी रामपुर खास से कई बार विधायक रह चुके हैं। आराधना मिश्रा 2019 से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल की नेता थीं। उनकी उम्र करीब 52 वर्ष है।
उत्तर प्रदेश में भी यह फेरबदल 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया गया है। आराधना मिश्रा पूर्वी उत्तर प्रदेश की ब्राह्मण चेहरा मानी जाती हैं, जबकि इमरान मसूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के प्रभावशाली नेता हैं। पार्टी ने पहले दलित नेता राजेंद्र पाल गौतम को राज्य का प्रभारी बनाया था। देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद की नियुक्ति को अन्य पिछड़ा वर्ग और दलित समुदायों तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आराधना मिश्रा ने नियुक्ति के बाद कहा कि वे नेतृत्व का धन्यवाद करती हैं और टीम के रूप में चुनाव की तैयारी करेंगी।
दोनों राज्यों में कांग्रेस सत्ता में नहीं है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, जबकि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है। कांग्रेस इन बदलावों के जरिए संगठन को मजबूत करने और अलग-अलग खेमों को साथ लाने की कोशिश कर रही है। नई टीमों के सामने सबसे बड़ा काम 2027 के चुनाव से पहले बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करना और आंतरिक मतभेद कम करना होगा।



