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केंद्र सरकार की ‘प्रगति-50’ योजना में रायपुर और बिलासपुर शामिल, बनेंगे स्वच्छता के राष्ट्रीय मॉडल

रायपुर. भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की महत्वाकांक्षी ‘प्रगति-50’ (PRAGATI-50) योजना में छत्तीसगढ़ के दो प्रमुख शहरों—रायपुर और बिलासपुर—को शामिल किया गया है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस राष्ट्रव्यापी योजना का शुभारंभ किया।

देश के चुनिंदा 50 शहरों में छत्तीसगढ़ के इन दो शहरों का चयन, राज्य के नगरीय विकास एवं स्वच्छता प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगा। इस शुभारंभ कार्यक्रम में नई दिल्ली से केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू शामिल हुए, जबकि छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव राजनांदगांव से वर्चुअली जुड़े। कार्यक्रम में चयनित राज्यों के नगरीय विकास विभागों, शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी सहभागिता की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ‘प्रगति-50’ में शामिल होने पर रायपुर और बिलासपुर नगर निगमों, दोनों शहरों के स्वच्छता मित्रों और शहरवासियों को बधाई दी है। इस अवसर पर रायपुर की महापौर मीनल चौबे और बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी के साथ दोनों नगर निगमों के आयुक्त भी ऑनलाइन सम्मिलित हुए।

प्रधानमंत्री के निर्देशों पर शुरू हुई ‘प्रगति-50’ की पहल

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित 51वीं ‘प्रगति’ (PRAGATI) बैठक में दिए गए निर्देशों के आधार पर इस विशेष पहल की शुरुआत की गई है। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत यह योजना चयनित 50 शहरों में स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को तेज गति से सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।

चयनित शहरों को केंद्र सरकार की ओर से विशेष तकनीकी सहयोग, सतत मार्गदर्शन और गहन निगरानी मिलेगी। ‘प्रगति-50’ के तहत मुख्य रूप से घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का वैज्ञानिक पृथक्करण एवं प्रसंस्करण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी व टिकाऊ बनाने तथा सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही उपयोग किए गए जल के उपचार, पुन: उपयोग और समुचित प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। स्वच्छता अभियानों में नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने के साथ ही निर्धारित संकेतकों के आधार पर शहरों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।

राज्य सरकार के प्रयासों का प्रतिफल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नगरीय निकायों में स्वच्छता, जनसुविधाओं के विस्तार और प्रभावी कचरा प्रबंधन के लिए प्राथमिकता से काम कर रही है। रायपुर और बिलासपुर का इस प्रतिष्ठित योजना के लिए चयन इन्हीं निरंतर कोशिशों का परिणाम है। इसमें दोनों नगर निगमों की सक्रिय भूमिका, स्वच्छता मित्रों की कड़ी मेहनत और नागरिकों का भरपूर सहयोग भी शामिल है।

प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों के लिए बनेंगे मॉडल

‘प्रगति-50’ के माध्यम से रायपुर और बिलासपुर को राष्ट्रीय स्तर की श्रेष्ठ कार्य-पद्धतियां (Best Practices) अपनाने का अवसर मिलेगा। इन शहरों में स्वच्छता व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, प्रयुक्त जल प्रबंधन तथा नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में और अधिक सुधार किया जाएगा। इन दोनों शहरों के अनुभव और नवाचार भविष्य में छत्तीसगढ़ के अन्य नगरीय निकायों के लिए भी एक उपयोगी और अनुकरणीय मॉडल बनेंगे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए रायपुर और बिलासपुर के चयन पर नगरीय प्रशासन विभाग, दोनों निकायों के अधिकारियों एवं स्वच्छता मित्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह चयन पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। यह हमारे स्वच्छता मित्रों के परिश्रम और नागरिकों की भागीदारी का सम्मान है। केंद्र सरकार के सहयोग से दोनों शहर स्वच्छता के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों में अपनी जगह बनाएंगे।

सुनीता सिंह

एक जिम्मेदार और परिवार-केंद्रित व्यक्तित्व हैं। उन्होंने जीवन में अनुशासन और ईमानदारी को सबसे ऊपर रखा है। पढ़ाई और घर संभालने के साथ-साथ समाज के छोटे कामों में भी रुचि रखती हैं। उन्हें बच्चों से बात करना, त्योहारों की तैयारी और घर की पुरानी यादें संजोना अच्छा लगता है। उनकी भाषा सरल है और सोच स्पष्ट।

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