बीजेपी ने यूपी राज्यसभा के लिए आठ नए उम्मीदवार घोषित किए, हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा समेत मौजूदा सांसद बाहर

लखनऊ/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव के लिए आठ उम्मीदवारों के नाम जारी किए। सूची में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा समेत उन मौजूदा बीजेपी सांसदों के नाम नहीं हैं, जिनका कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। पार्टी ने किसी भी outgoing सदस्य को दोबारा टिकट नहीं दिया है।
उत्तर प्रदेश से 10 राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नामांकन 6 अक्टूबर तक, जांच 7 अक्टूबर को और नाम वापसी 9 अक्टूबर तक हो सकती है। मतदान की जरूरत पड़ी तो 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन मतगणना होगी। विधानसभा में मौजूदा संख्या के आधार पर बीजेपी के आठ और समाजवादी पार्टी के दो सीटें जीतने की संभावना जताई जा रही है।
नए उम्मीदवार
बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने इन आठ नामों पर मुहर लगाई है:
- धर्मपाल सिंह
- राधाकांत ओझा
- प्रकाश पाल
- विद्यासागर सोनकर
- गोपी कृष्ण पांडेय
- प्रियंका सिंह रावत
- राम प्रताप सिंह चौहान
- श्रुति गंगवार
धर्मपाल सिंह योगी आदित्यनाथ सरकार में पशुपालन और डेयरी विकास मंत्री हैं तथा बरेली जिले की आंवला सीट से विधायक हैं। प्रकाश पाल प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष हैं। राम प्रताप सिंह चौहान संगठन से जुड़े हैं। प्रियंका सिंह रावत पूर्व सांसद और प्रदेश उपाध्यक्ष रही हैं। राधाकांत ओझा प्रयागराज के वकील हैं। विद्यासागर सोनकर जौनपुर से जुड़े पूर्व सांसद और पूर्व एमएलसी हैं। गोपी कृष्ण पांडेय किसान मोर्चा से जुड़े रहे हैं। श्रुति गंगवार झारखंड के राज्यपाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की बेटी हैं।
कौन बाहर रहे
नवंबर में कार्यकाल पूरा करने वाले सात बीजेपी सांसदों के नाम नई सूची में नहीं हैं। ये हैं हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, अरुण सिंह, बृजलाल, गीता शाक्य, सीमा द्विवेदी और नीरज शेखर। आठवीं सीट पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के इस्तीफे से खाली हुई है। शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल बनाया गया था, इसलिए वे पहले ही राज्यसभा से अलग हो चुके हैं।
हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हैं। उनका उत्तर प्रदेश से राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होना है। बीएल वर्मा उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण तथा सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री हैं। दोनों का नाम न होने से कैबिनेट फेरबदल को लेकर अटकलें लग रही हैं, हालांकि पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
सामाजिक समीकरण
नई सूची में तीन अन्य पिछड़ा वर्ग, दो अनुसूचित जाति और तीन सामान्य वर्ग के उम्मीदवार हैं। सामान्य वर्ग में दो ब्राह्मण और एक राजपूत चेहरा शामिल बताया गया है। आठ में से दो महिलाएं हैं, प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार। ओबीसी चेहरों में लोधी समुदाय से धर्मपाल सिंह, पाल समुदाय से प्रकाश पाल और कुर्मी समुदाय से श्रुति गंगवार का नाम लिया जा रहा है। अनुसूचित जाति में विद्यासागर सोनकर और प्रियंका सिंह रावत हैं।
पार्टी सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि नामों का चयन सामाजिक, क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया। कुछ रिपोर्टों में अंतिम फैसले को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी से भी जोड़ा गया है। समाजवादी पार्टी के पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक समीकरण के मुकाबले ओबीसी और दलित प्रतिनिधित्व बढ़ाने की चर्चा भी हुई है। ये आकलन सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषण पर आधारित हैं, पार्टी का आधिकारिक बयान नहीं।
राज्य पैनल में हरदीप सिंह पुरी के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत करीब 22 नाम चर्चा में थे, लेकिन अंतिम सूची में संगठनात्मक और प्रदेश स्तर के चेहरों को जगह मिली। समाजवादी पार्टी की ओर से रामगोपाल यादव समेत दो उम्मीदवारों के नाम सामने आए हैं। अतिरिक्त उम्मीदवार नहीं उतारे गए तो चुनाव बिना मतदान के भी निपट सकता है।



