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विद्या बालन 17 साल बाद आर बाल्की संग तमिल फिल्म में लौटीं, द व्वान और द पैराडाइज का बॉक्स ऑफिस अपडेट

अभिनेत्री विद्या बालन ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर नई तमिल फिल्म की शुरुआत का ऐलान किया है। यह प्रोजेक्ट निर्देशक आर बाल्की के साथ है। दोनों ने आखिरी बार 2009 की फिल्म ‘पा’ में साथ काम किया था। उसके बाद यह उनका पहला सहयोग है।

विद्या बालन ने एक स्टोरी में सोफे पर बैठी तस्वीर शेयर की और लिखा, “A quiet moment before the madness begins.” दूसरी तस्वीर में वे स्क्रिप्ट हाथ में लिए चश्मा और लंबी चोटी में दिखीं। कैप्शन में उन्होंने लिखा, “New Beginnings #NewTamilFilm with #RBalki.” फिल्म का टाइटल, कहानी और बाकी कास्ट अभी घोषित नहीं किया गया है।

‘पा’ में विद्या बालन मुख्य भूमिका में थीं। फिल्म का निर्देशन आर बाल्की ने किया था। उसमें अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन भी थे। फिलहाल विद्या बालन रजनीकांत की ‘जेलर 2’ में कंथा के किरदार में भी नजर आने वाली हैं। यह फिल्म 15 अक्टूबर 2026 को रिलीज होगी।

द व्वान का पांचवें दिन का कलेक्शन

सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द व्वान: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ ने पांचवें दिन भारत में करीब 6 करोड़ रुपये नेट कमाए। हिंदी ऑक्यूपेंसी करीब 31 प्रतिशत रही और शोज की संख्या 7,162 बताई गई।

पांच दिनों में फिल्म का भारत नेट कलेक्शन 44.85 करोड़ रुपये पहुंच गया है। भारत ग्रॉस 53.45 करोड़ रुपये और वर्ल्डवाइड ग्रॉस 57.95 करोड़ रुपये है। फिल्म 25 सितंबर 2026 को रिलीज हुई थी। आने वाले वीकेंड पर कमाई में बदलाव देखा जा सकता है।

द पैराडाइज छह दिन में 100 करोड़ पार

नानी की फिल्म ‘द पैराडाइज’ को रिलीज हुए छह दिन हो चुके हैं। छठे दिन फिल्म ने भारत में 4.40 करोड़ रुपये नेट कमाए। ऑक्यूपेंसी करीब 19 प्रतिशत और शोज 5,772 रहे।

छह दिनों में भारत नेट कलेक्शन 101.50 करोड़ रुपये हो गया है। भारत ग्रॉस 120 करोड़ रुपये और वर्ल्डवाइड ग्रॉस 150.50 करोड़ रुपये बताया गया है। फिल्म 24 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में आई थी। निर्देशन श्रीकांत ओडेला का है।

ये आंकड़े ट्रेड ट्रैकर्स के अनुमान पर आधारित हैं। अंतिम प्रमाणित आंकड़े बाद में अपडेट हो सकते हैं।

नवीन कुमार

झारखंड के परिवेश से जुड़े रहे हैं। पहाड़, जंगल और छोटे कस्बों की जिंदगी उन्होंने करीब से देखी है। परिवार में सादगी और मेहनत का मूल्य सिखाया गया। वे लोगों से मिलना, उनकी बात सुनना और स्थानीय मेलों-त्योहारों में शामिल होना पसंद करते हैं। उनकी पहचान सीधेपन और जमीन से जुड़े रहन-सहन से है।

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